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UP Varasat Online Registration 2026 Step-by-Step Guide & Direct Link
उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि और अचल संपत्ति का उत्तराधिकार ऑनलाइन दर्ज कराना अब अत्यंत सरल एवं पारदर्शी हो चुका है। राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित vaad.up.nic.in पोर्टल के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक अपने पूर्वजों की मृत्यु के पश्चात भूमि का उत्तराधिकार (वरासत) अपने नाम पर दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। UP Varasat Online Registration 2026 की इस व्यवस्था ने तहसील और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की बाध्यता को समाप्त कर दिया है तथा बिचौलियों एवं भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई है।
समय पर भूमि की वरासत दर्ज न कराने से संपत्ति विवाद, अवैध कब्जे तथा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं कृषि योजनाओं का लाभ न मिलने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की इस डिजिटल पहल के अंतर्गत बिना किसी विवाद वाले मामलों का निस्तारण 30 से 45 कार्य दिवसों की निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाता है।
UP Bhulekh Varasat Application: क्विक ओवरव्यू
| विषय / विवरण | आधिकारिक जानकारी |
| योजना / सेवा का नाम | उत्तर प्रदेश ऑनलाइन वरासत / उत्तराधिकार पंजीकरण 2026 |
| संबंधित विभाग | राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार |
| आधिकारिक पोर्टल | vaad.up.nic.in (UP RCCMS) |
| आवेदन प्रपत्र | प्रपत्र आर० सी० 9 (RC-9) |
| आवेदन का प्रकार | 100% ऑनलाइन डिजिटल प्रक्रिया |
| प्रक्रिया शुल्क | पूर्णतः निःशुल्क (Zero Fee) |
| समयावधि | 30 से 45 कार्य दिवस |
| सत्यापन अधिकारी | राजस्व निरीक्षक (RI) एवं संबंधित क्षेत्र का लेखपाल |
| हेल्पलाइन नंबर | 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) |
नोट: कृपया अधिक सटीक जानकारी के लिए इस उत्तर प्रदेश ऑनलाइन वरासत/उत्तराधिकार पंजीकरण 2026 के लिए प्रकाशित आधिकारिक UP Varasat Online Registration 2026 Step-by-Step Guide & Direct Link अधिसूचना अवश्य देखें।
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UP Varasat Online Apply 2026 ऑनलाइन वरासत आवेदन शुल्क विवरण
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित vaad.up.nic.in पोर्टल पर वरासत दर्ज कराने के लिए कोई भी सरकारी शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है।
| वरासत आवेदन | शुल्क विवरण |
|---|---|
| सरकारी आवेदन शुल्क: | ₹0 (निःशुल्क) |
| सत्यापन एवं रिपोर्ट शुल्क: | ₹0 (निःशुल्क) |
| खतौनी अद्यतन शुल्क: | ₹0 (निःशुल्क) |
यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी वरासत दर्ज करने के एवज में धनराशि की मांग करता है, तो आप इसकी शिकायत 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन या तहसील समाधान दिवस में दर्ज करा सकते हैं।

वरासत का स्वरूप एवं श्रेणी-वार विवरण
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के अंतर्गत वरासत की प्रक्रिया को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
1. निर्विवाद वरासत (Uncontested Inheritance)
जब भूमि स्वामी की मृत्यु के पश्चात परिवार में उत्तराधिकार को लेकर कोई विवाद न हो तथा कोई वसीयत (Will) अस्तित्व में न हो, तो यह मामला निर्विवाद वरासत के अंतर्गत आता है। इसका निस्तारण प्रपत्र आर० सी० 9 (RC-9) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है और लेखपाल की रिपोर्ट के पश्चात राजस्व निरीक्षक (RI) नामांतरण का आदेश जारी करता है।
2. विवादित वरासत (Contested Inheritance)
यदि संपत्ति को लेकर कानूनी वारिसों के मध्य कोई विवाद है, अथवा मृत्यु के उपरांत किसी वसीयत के आधार पर दावा प्रस्तुत किया गया है, तो यह मामला विवादित श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 34/35 के तहत मामला तहसीलदार न्यायालय में दर्ज होता है, जहाँ दोनों पक्षों की सुनवाई के पश्चात न्यायिक आदेश पारित किया जाता है।
UP Varasat Online Apply 2026: पात्रता मापदंड एवं उत्तराधिकार नियम
UP Varasat Online Registration 2026 के अंतर्गत आवेदन करने हेतु निम्नलिखित पात्रता शर्तों एवं उत्तराधिकार नियमों का पालन होना अनिवार्य है:
- मूल निवासी: मृतक एवं आवेदक उत्तर प्रदेश के निवासी होने चाहिए अथवा संबंधित संपत्ति उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा में स्थित होनी चाहिए।
- कानूनी वारिस: आवेदक को मृतक का वैध कानूनी वारिस होना अनिवार्य है।
- हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम लागू: संपत्ति स्वामी की मृत्यु के पश्चात उसके पुत्र, अविवाहित/विवाहित पुत्रियां तथा विधवा पत्नी समान रूप से उत्तराधिकार की पात्र होंगी।
- पुत्रियों का समान अधिकार: संशोधित कानूनों के अनुसार विवाहित बेटियों का भी अपने पिता की कृषि भूमि एवं अचल संपत्ति पर पुत्रों के समान कानूनी अधिकार है।
शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी ज्ञान एवं अनुभव संबंधी आवश्यकताएं
UP Bhulekh Varasat Application ऑनलाइन प्रपत्र RC-9 भरने के लिए किसी विशेष शैक्षणिक डिग्री की आवश्यकता नहीं है, परंतु आवेदक को निम्नलिखित बुनियादी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए:
- डिजिटल साक्षरता: हिंदी भाषा में ऑनलाइन फॉर्म भरने एवं विवरण जांचने की सामान्य समझ।
- भूलेख अभिलेख ज्ञान: आवेदक को अपनी संपत्ति का गाटा संख्या (खसरा नंबर), खाता संख्या तथा परगना/तहसील की सही जानकारी होनी चाहिए।
- ओटीपी सत्यापन: पंजीकरण हेतु चालू मोबाइल नंबर का उपयोग करने का ज्ञान।
समय सीमा एवं प्रशासनिक स्तर पर समयबद्ध छूट
उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व कानून की धारा 33(1) के तहत वरासत प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समय-सीमा निर्धारित की है:
- आवेदन जमा होने के बाद लेखपाल सत्यापन: अधिकतम 11 कार्य दिवस
- राजस्व निरीक्षक (RI) द्वारा जांच एवं आदेश: अधिकतम 15 कार्य दिवस
- भूलेख पर खतौनी अद्यतन (Upgradation): आदेश के तुरंत बाद डिजिटल रूप से
यदि 30 दिनों के भीतर प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई पूरी नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों को विलंब का स्पष्ट कारण पोर्टल पर दर्ज करना होता है।
वरासत के सेवा लाभ एवं कानूनी सुरक्षा
समय पर ऑनलाइन वरासत पंजीकरण कराने से निम्नलिखित प्रमुख लाभ प्राप्त होते हैं:
- अवैध कब्जे से सुरक्षा: खतौनी में नाम दर्ज होने से संपत्ति पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जे या फर्जी बिक्री की संभावना समाप्त हो जाती है।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: भूमि नामांतरण पूर्ण होने पर वारिस PM Kisan Samman Nidhi, फसल बीमा योजना एवं कृषि अनुदानों के सीधे पात्र बन जाते हैं।
- ऋण एवं KCC सुविधा: अद्यतन खतौनी के आधार पर बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या कृषि ऋण प्राप्त करना आसान हो जाता है।
- पारदर्शी व्यवस्था: डिजिटल प्रक्रिया से लेखपालों की स्वेच्छाचारिता पर अंकुश लगा है।
प्रशासनिक चयन एवं निस्तारण प्रक्रिया (Workflow)
UP Bhulekh Varasat Application ऑनलाइन प्रपत्र जम करने के पश्चात वरासत आवेदन निम्नलिखित चरणों से होकर गुजरता है:
- डिजिटल प्रेषण: पोर्टल पर जमा किया गया प्रपत्र RC-9 सीधे संबंधित ग्राम के लेखपाल की लॉगिन आईडी पर स्थानांतरित हो जाता है।
- स्थलीय सत्यापन (Field Verification): लेखपाल गाँव में जाकर मृतक के वारिसों की प्रामाणिकता, मृत्यु की तिथि और संपत्ति के विवरण की जांच करता है।
- सार्वजनिक आपत्ति आमंत्रण: सत्यापन के दौरान यदि कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो लेखपाल अपनी संस्तुति रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करता है।
- राजस्व निरीक्षक का आदेश: RI लेखपाल की आख्या का परीक्षण करता है और संतुष्ट होने पर नामांतरण का अंतिम आदेश पारित करता है।
- भूलेख प्रविष्टि: आदेश पारित होते ही उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) पर स्थित खतौनी में मृतक के स्थान पर सभी कानूनी वारिसों के नाम दर्ज हो जाते हैं।
ऑनलाइन प्रपत्र RC-9 का प्रारूप एवं तकनीकी विवरण
UP Varasat Online Application 2026 ऑनलाइन आवेदन करते समय पोर्टल पर जानकारी को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है:
- भाग 1 (आपदक का विवरण): आवेदक का पूरा नाम, पिता/पति का नाम, मोबाइल नंबर एवं आधार विवरण।
- भाग 2 (मृतक का विवरण): मृतक का नाम, लिंग, मृत्यु की तिथि, पिता/पति का नाम और मृत्यु का स्थान।
- भाग 3 (संपत्ति का विवरण): जिला, तहसील, परगना, ग्राम और खतौनी की गाटा संख्या (खसरा नंबर)।
- भाग 4 (वारिसों का विवरण): सभी विधिक वारिसों के नाम, मृतक से संबंध, आयु एवं पिता का नाम।
वरासत आवेदन की तैयारी कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया को बिना किसी त्रुटि के पूर्ण करने के लिए निम्नलिखित पूर्व-तैयारी करें:
- दस्तावेजों का मिलान: यह सुनिश्चित करें कि मृतक का नाम खतौनी में और मृत्यु प्रमाण पत्र में एक समान दर्ज हो।
- वारिसों की पूर्ण सूची: परिवार के सभी जीवित वारिसों के नाम एवं उनकी सही आयु की सूची पहले ही बना लें ताकि कोई नाम छूट न जाए।
- गाटा संख्या की पुष्टि: upbhulekh.gov.in पर जाकर पहले से उपलब्ध खतौनी की प्रति निकाल लें और गाटा संख्या की जांच कर लें।
पिछले वर्षों की स्थिति एवं सुधारात्मक आंकड़े (2024-2026)
पिछले वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि डिजिटल वरासत प्रणाली लागू होने के बाद लंबित मामलों की संख्या में भारी गिरावट आई है:
- निस्तारण दर: ऑनलाइन व्यवस्था के कारण 92% से अधिक मामलों का निस्तारण 45 दिनों की सीमा के भीतर हो रहा है।
- पारदर्शिता: हस्तलिखित खतौनी प्रविष्टियों में होने वाली मानवीय त्रुटियों में 98% तक की कमी दर्ज की गई है।
- शिकायत निवारण: 1076 हेल्पलाइन के एकीकरण से लंबित आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई संभव हुई है।
UP Bhulekh Varasat Application ऑनलाइन आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची
UP Varasat Online Application 2026 जमा करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की डिजिटल अथवा भौतिक प्रतियां तैयार रखें:
- मृतक का मूल मृत्यु प्रमाण पत्र (नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी)
- सभी वारिसों का आधार कार्ड (पहचान एवं पते के सत्यापन हेतु)
- वर्तमान खतौनी की नकल (गाटा संख्या एवं खाता संख्या की पुष्टि हेतु)
- सक्रिय मोबाइल नंबर (ओटीपी एवं एसएमएस अपडेट प्राप्त करने हेतु)
- आवेदक का स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र (यदि आवश्यक हो)

UP Varasat Online Registration 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?
UP Virasat Online Kaise Kare ऑनलाइन वरासत दर्ज करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों का पालन करें:
चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर प्रवेश
सबसे पहले उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली की आधिकारिक वेबसाइट vaad.up.nic.in पर जाएँ।
चरण 2: वरासत विकल्प का चयन
होमपेज पर उपलब्ध “उत्तराधिकार / वरासत हेतु आवेदन (प्रपत्र आर० सी० 9)” के लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: मोबाइल नंबर एवं ओटीपी सत्यापन
अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और “Send OTP” पर क्लिक करें। प्राप्त ओटीपी को भरकर पोर्टल पर लॉगिन करें।
चरण 4: आवेदक का विवरण दर्ज करें (भाग 1)
आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, आधार संख्या और स्थायी पता दर्ज करें।
चरण 5: मृतक एवं संपत्ति का विवरण भरें (भाग 2 व 3)
मृतक का नाम, मृत्यु की तिथि और मृत्यु का स्थान दर्ज करें। इसके पश्चात अपने जनपद, तहसील, परगना और ग्राम का चयन करें तथा खतौनी में से अपनी गाटा संख्या चुनें।
चरण 6: वारिसों की सूची जोड़ें (भाग 4)
“वारिस जोड़ें” विकल्प पर क्लिक करके मृतक के सभी कानूनी वारिसों के नाम, उम्र और संबंध का विवरण दर्ज करें।
चरण 7: आवेदन सुरक्षित करें और प्रिंट लें
सभी प्रविष्टियों की पुनरजांच करने के पश्चात फॉर्म को सबमिट करें। सबमिट होते ही आपको एक आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) प्राप्त होगी। भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन पत्र की रसीद डाउनलोड करके प्रिंट कर लें।
उम्मीदवारों एवं आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स और सुझाव
- नाम की वर्तनी की जांच: फॉर्म भरते समय मृतक और वारिसों के नाम की वर्तनी आधार कार्ड और खतौनी से पूरी तरह मेल खानी चाहिए।
- किसी वारिस को न छोड़ें: जानबूझकर या अनजाने में किसी कानूनी वारिस का नाम छिपाना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर आवेदन रद्द हो सकता है।
- आवेदन संख्या सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होने के बाद प्राप्त 12 से 15 अंकों की आवेदन संख्या को सुरक्षित रखें, इसी से स्टेटस चेक होगा।
- समय पर ट्रैक करें: आवेदन करने के 15 दिन बाद पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति की नियमित जांच करते रहें।
सत्यापन, आदेश और खतौनी अपडेशन की संभावित समय-सीमा
| प्रक्रिया का चरण | संभावित समय-सीमा |
| आवेदन सबमिशन एवं पोर्टल पंजीयन | तत्काल (दिन 1) |
| लेखपाल स्तर पर सत्यापन एवं आख्या | 1 से 11 दिन |
| राजस्व निरीक्षक (RI) जांच व सुनवाई | 12 से 25 दिन |
| नामांतरण आदेश जारी होना | 26 से 35 दिन |
| भूलेख पोर्टल पर नाम दर्ज होना | 36 से 45 दिन |
हेल्पडेस्क एवं संपर्क जानकारी
यदि वरासत प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या आती है, तो आप निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल: vaad.up.nic.in
- भूलेख पोर्टल: upbhulekh.gov.in
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर: 1076 (24×7 टोल-फ्री)
- प्रशासनिक संपर्क: अपनी तहसील के उप-जिलाधिकारी (SDM) या तहसीलदार के कार्यालय में संपर्क करें।
UP Varasat Online Application 2026 महत्वपूर्ण तिथियां
- ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: निरंतर जारी (24×7 उपलब्ध)
- आवेदन करने की अंतिम तिथि: कोई सीमा नहीं (मृत्यु के पश्चात यथाशीघ्र आवेदन करें)
- निस्तारण की मानक समयावधि: आवेदन की तिथि से 45 कार्य दिवस
UP Varasat Online Apply 2026 महत्वपूर्ण लिंक्स
| वरासत ऑनलाइन आवेदन डायरेक्ट लिंक: | यहाँ क्लिक करें (Click Here) |
| वरासत आवेदन की स्थिति जांचें (Check Status): | यहाँ क्लिक करें (Click Here) |
| यूपी भूलेख खतौनी देखें: | यहाँ क्लिक करें (Click Here) |
| UP राजस्व परिषद आधिकारिक वेबसाइट: | RCCMS | Revenue | Department | UP |
FAQ: UP Varasat Praman Patra Online: घर बैठकर ऑनलाइन दर्ज कराएं विरासत
Q1: UP Varasat Online Registration 2026 के लिए आधिकारिक पोर्टल कौन सा है?
उत्तर: यूपी वरासत ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आधिकारिक पोर्टल vaad.up.nic.in (UP RCCMS) है।
Q2: क्या vaad up nic in RC 9 फॉर्म भरने के लिए कोई सरकारी फीस लगती है?
उत्तर: नहीं, प्रपत्र आर सी 9 के माध्यम से वरासत ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
Q3: यूपी वरासत ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रक्रिया पूरी होने में कितना समय लगता है?
उत्तर: सामान्य निर्विवाद मामलों में आवेदन जमा करने के 30 से 45 कार्य दिवसों के भीतर खतौनी में नाम दर्ज कर दिया जाता है।
Q4: UP Varasat Status Check ऑनलाइन कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: आवेदक vaad.up.nic.in पोर्टल पर जाकर “वरासत / उत्तराधिकार की स्थिति जानें” विकल्प पर अपनी आवेदन संदर्भ संख्या दर्ज करके ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं।
Q5: क्या शादीशुदा पुत्री का नाम भी वरासत में दर्ज कराना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, कानूनी प्रावधानों के अनुसार विवाहित एवं अविवाहित बेटियों का अपने पिता की संपत्ति पर पुत्रों के समान अधिकार है, इसलिए उनका नाम भी वारिसों की सूची में दर्ज होना चाहिए।
Q6: यदि लेखपाल 45 दिनों के भीतर वरासत की रिपोर्ट नहीं लगाता तो क्या करें?
उत्तर: यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो आप 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
Q7: क्या वसीयत (Will) के आधार पर भी प्रपत्र RC-9 द्वारा ऑनलाइन वरासत हो सकती है?
उत्तर: नहीं, प्रपत्र RC-9 केवल स्वाभाविक कानूनी उत्तराधिकार (निर्विवाद) के लिए है। वसीयत के आधार पर नामांतरण हेतु तहसीलदार न्यायालय में नियमित वाद (धारा 34) दायर करना होता है।
Q8: उत्तराधिकार वरासत ऑनलाइन UP प्रक्रिया में त्रुटि होने पर संशोधन कैसे करें?
उत्तर: यदि गलत प्रविष्टि के साथ आदेश पारित हो जाता है, तो आपको तहसील में तहसीलदार के समक्ष नाम संशोधन (Correction application) का वाद प्रस्तुत करना होगा।
निष्कर्ष
UP Varasat Online Registration 2026 उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत जनकल्याणकारी एवं डिजिटल पहल है, जिसने राज्य के नागरिकों को तहसील के चक्कर काटने और बिचौलियों के शोषण से मुक्ति दिलाई है। vaad.up.nic.in पर प्रपत्र RC-9 के माध्यम से आवेदन करके आप घर बैठे अपनी पैतृक संपत्ति पर अपना वैध कानूनी अधिकार दर्ज करा सकते हैं। यदि आपके परिवार में किसी भूमि स्वामी की मृत्यु हुई है, तो बिना विलंब किए आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करें ताकि आपकी संपत्ति सुरक्षित रहे और आपको सभी सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ मिल सके।





