Anganwadi Honorarium Hike: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मानदेय कब बढ़ेगा? जानें 1975 से अब तक का पूरा इतिहास, 2018 की आखिरी बड़ी बढ़ोतरी, और 2026 में अलग-अलग राज्यों में चल रहे धरना-प्रदर्शन व मांगों की पूरी जानकारी।
आंगनवाड़ी मानदेय बढ़ोतरी 2026 (Anganwadi Honorarium Hike): इतिहास, मौजूदा मांग और अपडेट
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सुपरवाइजर पिछले कई वर्षों से मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं, और यह मुद्दा 2026 में भी देश के कई राज्यों में लगातार धरना-प्रदर्शन की वजह बना हुआ है। इस लेख में हम बताएंगे कि आंगनवाड़ी मानदेय का इतिहास क्या रहा है, आखिरी बड़ी बढ़ोतरी कब हुई थी, और अभी 2026 में किन-किन राज्यों में कौन सी मांगें उठ रही हैं।
आंगनवाड़ी मानदेय का इतिहास — शुरुआत से अब तक
समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) योजना 2 अक्टूबर 1975 को शुरू हुई थी। शुरुआती वर्षों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बहुत मामूली राशि दी जाती थी। समय के साथ आंगनवाड़ी मानदेय में हुई प्रमुख बढ़ोतरी इस प्रकार रही:
| वर्ष | कार्यकर्ता मानदेय (केंद्रीय हिस्सा) | प्रमुख घटनाक्रम |
|---|---|---|
| शुरुआती वर्ष | बहुत मामूली राशि | योजना की शुरुआत |
| 2008-09 | ₹1,500 प्रतिमाह | केंद्रीय बजट में बढ़ोतरी की घोषणा |
| 2018 | ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,500 (मिनी वर्कर ₹2,250 से ₹3,500) | केंद्र सरकार की अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी |
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सिर्फ केंद्र सरकार के मूल हिस्से (Central Share) का इतिहास है — 2018 के बाद से सिर्फ केंद्रीय अंशदान में कोई नई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि 2018 से अब तक सैलरी कहीं नहीं बढ़ी — असल कुल मानदेय (केंद्र + राज्य हिस्सा मिलाकर) समय-समय पर राज्य सरकारों द्वारा बढ़ाया जाता रहा है, जैसा नीचे दिए राज्यवार उदाहरणों में दिख रहा है।
राज्य सरकारों की अपनी अलग बढ़ोतरी
केंद्र सरकार के मानदेय के अलावा, कई राज्य सरकारें अपनी तरफ से अतिरिक्त राशि जोड़ती हैं, जिसे समय-समय पर राज्य स्तर पर बढ़ाया जाता है। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश में कार्यकर्ता का मानदेय 2005 में मात्र ₹500 था, जो 2008-09 में ₹1,500 और 2018 में ₹10,000 तक पहुंचा, और फिर 1 जुलाई से लागू बढ़ोतरी के तहत ₹13,000 कर दिया गया, जबकि सहायिका का मानदेय ₹5,000 से बढ़ाकर ₹6,500 किया गया।
यह दिखाता है कि मानदेय बढ़ोतरी पूरी तरह राज्य सरकार की नीतियों पर निर्भर करती है — इसलिए हर राज्य में मौजूदा मानदेय अलग-अलग है, और बढ़ोतरी की मांग व स्थिति भी राज्य-दर-राज्य भिन्न है।
2026 में किन राज्यों में क्या मांगें उठ रही हैं
हरियाणा — सितंबर 2026
हरियाणा में आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कई मांगें रखीं, जिनमें वेतन वृद्धि, सुपरवाइजर के 50% पद पदोन्नति से भरने, शहरी केंद्रों का किराया सीधे कार्यकर्ताओं के खाते में डालने, केंद्र सरकार का बकाया वेतन दिलाने और सेवानिवृत्ति पर ₹5 लाख की सहायता राशि देने जैसी मांगें शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर — सितंबर 2026
जम्मू-कश्मीर आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने वेतन बढ़ाने और पक्की नौकरी की मांग को लेकर धरना दिया। इनकी प्रमुख मांगों में शुरुआती मानदेय ₹15,000 मासिक करना, विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) गठित कर नियमितीकरण करना, और मोबाइल डेटा भत्ता ₹160 से बढ़ाकर ₹600 प्रतिमाह करना शामिल है।
राजस्थान — जुलाई 2026
राजस्थान महिला एवं बाल संयुक्त कर्मचारी संघ ने 14 सूत्री मांगपत्र सौंपा, जिसमें कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम मानदेय बढ़ाने, और स्नातक कार्यकर्ताओं के 10 साल पूरे होने पर उन्हें सुपरवाइजर पद हेतु विचार में लाने जैसी मांगें प्रमुख हैं।
उत्तर प्रदेश — 2025-26
अखिल भारतीय आंगनवाड़ी सेविका सहायिका फेडरेशन ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से मुलाकात कर मानदेय बढ़ोतरी सहित पांच प्रमुख मांगें रखीं। मुरादाबाद सहित कई जिलों में इसी मुद्दे पर प्रदर्शन हुए।
सबसे ताज़ा और महत्वपूर्ण अपडेट: चुनावी वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की योजना बनाई है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, कार्यकर्ता का मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 और सहायिका का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 प्रतिमाह किए जाने की तैयारी है। यह प्रस्ताव फिलहाल कैबिनेट की मंजूरी की प्रतीक्षा में है, इसलिए यह अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है — मंजूरी मिलते ही इसकी पुष्टि यहाँ अपडेट कर दी जाएगी।
उत्तराखंड — पूर्व में
उत्तराखंड में आंगनवाड़ी वर्करों ने मानदेय बढ़ोतरी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया था, जिसे पुलिस ने रोक दिया था।
सबसे ज़्यादा उठने वाली मांगें (सभी राज्यों में समान रूप से)
- न्यूनतम मानदेय में वृद्धि
- नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा (Regularization)
- सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के अधिक अवसर (विशेषकर स्नातक और अनुभवी कार्यकर्ताओं के लिए)
- सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त सहायता राशि
- केंद्र सरकार का बकाया हिस्सा समय पर जारी करना
- भत्तों में बढ़ोतरी (जैसे मोबाइल डेटा भत्ता, किराया भत्ता)
आंगनवाड़ी मानदेय बढ़ोतरी कब होने की संभावना है?
चूंकि यह मुद्दा राजनीतिक और नीतिगत निर्णय पर निर्भर करता है, इसलिए किसी निश्चित तारीख की भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। हालांकि, पैटर्न साफ़ है — ज़्यादातर राज्यों में बढ़ोतरी की घोषणाएं चुनावी वर्षों में या लगातार संगठित दबाव (धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन) के बाद हुई हैं। उत्तर प्रदेश का मौजूदा उदाहरण इसे अच्छे से दिखाता है — 2026 चुनावी वर्ष में ही मानदेय बढ़ोतरी का प्रस्ताव आगे बढ़ा है। इसी तरह अन्य राज्यों (हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान) में भी संगठित मांग का दबाव बना हुआ है, जिससे आने वाले महीनों में और घोषणाओं की संभावना बनी हुई है।
FAQs: आंगनवाड़ी मानदेय बढ़ोतरी (Anganwadi Salary Increase News)
प्रश्न 1: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय आखिरी बार केंद्र सरकार ने कब बढ़ाया था?
उत्तर: केंद्र सरकार ने आखिरी बड़ी बढ़ोतरी 2018 में की थी, जब कार्यकर्ता का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,500 किया गया था। उसके बाद से केंद्रीय स्तर पर कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
प्रश्न 2: क्या सभी राज्यों में आंगनवाड़ी मानदेय एक जैसा है?
उत्तर: नहीं, केंद्र सरकार का मूल हिस्सा सभी राज्यों में लगभग समान होता है, लेकिन राज्य सरकारें अपनी तरफ से अतिरिक्त राशि जोड़ती हैं, जिससे हर राज्य में कुल मानदेय अलग-अलग होता है।
प्रश्न 3: 2026 में किन राज्यों में मानदेय बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं?
उत्तर: 2026 में हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ोतरी और नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे हैं।
प्रश्न 4: क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित सरकारी कर्मचारी बनाने की मांग पूरी हो सकती है?
उत्तर: यह मांग वर्षों से उठ रही है और कुछ अदालती फैसलों में भी इसका समर्थन हुआ है, लेकिन अभी तक यह देशव्यापी स्तर पर लागू नहीं हुई। यह पूरी तरह सरकार के नीतिगत निर्णय पर निर्भर करता है।
प्रश्न 5: आंगनवाड़ी सहायिका का मानदेय कार्यकर्ता से कितना कम होता है?
उत्तर: आमतौर पर सहायिका का मानदेय कार्यकर्ता से लगभग आधा होता है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश में कार्यकर्ता का मानदेय ₹13,000 है तो सहायिका का ₹6,500, यह अनुपात ज़्यादातर राज्यों में एक जैसा देखा जाता है।
प्रश्न 6: क्या आंगनवाड़ी सहायिका को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति मिल सकती है?
उत्तर: कई राज्यों में यह मांग उठ रही है कि स्नातक और अनुभवी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति के अवसर दिए जाएं। राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में यह मांग हाल ही में प्रमुखता से उठाई गई है।
प्रश्न 7: आंगनवाड़ी मानदेय बढ़ोतरी 2026 का नया आधिकारिक आदेश क्या है और यह कब से लागू होगा?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में 2026 चुनावी वर्ष में कार्यकर्ता का मानदेय ₹8,000 से ₹12,000 और सहायिका का ₹4,000 से ₹6,000 करने का प्रस्ताव बाल विकास विभाग ने तैयार किया है, जो अभी कैबिनेट की मंजूरी की प्रतीक्षा में है। केंद्र सरकार के स्तर पर अभी कोई नया आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, बाकी राज्यों (हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान) में यह अभी मांग के स्तर पर ही है।
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आंगनवाड़ी मानदेय का सफर 1975 में योजना की शुरुआत से लेकर आज तक धीरे-धीरे बढ़ोतरी का रहा है, पर 2018 के बाद से केंद्रीय स्तर पर बड़ा बदलाव नहीं आया है। 2026 में देश के कई राज्यों में एक साथ धरना-प्रदर्शन और मांगपत्र सौंपे जाने से यह मुद्दा फिर से चर्चा में है। चूंकि यह पूरी तरह सरकारी नीति और राजनीतिक निर्णय पर निर्भर करता है, इसलिए किसी निश्चित तारीख की गारंटी नहीं दी जा सकती — लेकिन संगठित मांग और लगातार दबाव आने वाले समय में बदलाव ला सकता है।
SenaBharti.in आंगनवाड़ी मानदेय से जुड़ी हर नई अपडेट पर नज़र रखता है और जैसे ही कोई नई घोषणा होगी, इस लेख को तुरंत अपडेट कर दिया जाएगा। अपने राज्य से जुड़ी जानकारी या मांग साझा करने के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें। Telegram Group में अभी जॉइन करो.




